गणेश उत्सव 2026: 10 दिनों का पूरा कार्यक्रम
दस दिनों का गणेश उत्सव 2026
गणेश उत्सव 2026 का दस दिवसीय कार्यक्रम अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक होता है। प्रथम दिन — गणेश चतुर्थी को मूर्ति स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। इस दिन घरों और पंडालों में भगवान गणेश का स्वागत किया जाता है। द्वितीय दिन से नवम दिन तक प्रतिदिन सुबह-शाम आरती, भजन और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता है। दशम दिन — अनंत चतुर्दशी को भव्य शोभा यात्रा के साथ विसर्जन किया जाता है।
प्रथम दिन — चतुर्थी
गणेश चतुर्थी 2026 के प्रथम दिन मूर्ति स्थापना का विशेष महत्व है। शुभ मुहूर्त में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। षोडशोपचार पूजा, २१ पत्र पूजा और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है। शाम को महाआरती का आयोजन होता है।
द्वितीय से नवम दिन
प्रतिदिन प्रातः और सायं आरती का आयोजन होता है। भजन संध्या, कीर्तन और प्रवचन का आयोजन किया जाता है। भक्तगण गणेश जी के विभिन्न मंत्रों का जप करते हैं। हर दिन विशेष भोग अर्पित किया जाता है — मोदक, लड्डू, पेड़ा, खीर, पूरी आदि। पंचमी को विशेष पूजा, षष्ठी को गणेश जी के विभिन्न रूपों की आराधना, सप्तमी को सात्त्विक भोजन का आयोजन, अष्टमी को महिलाओं की विशेष पूजा और नवमी को उपवास के बाद पारण किया जाता है।
दशम दिन — अनंत चतुर्दशी
अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन का कार्यक्रम होता है। प्रातः विशेष पूजा और हवन के बाद शोभा यात्रा निकाली जाती है। ढोल-ताशे और भजनों के साथ भक्त भगवान को विदाई देते हैं। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण गूंज उठता है। तट पर पहुंचकर अंतिम पूजा और आरती के बाद मूर्ति को जल में विसर्जित किया जाता है। दस दिनों का यह उत्सव पूरे भारत में अत्यंत उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।