गणेश चतुर्थी 2026 व्रत नियम और पूजा विधि
व्रत नियम और पूजा विधि
गणेश चतुर्थी 2026 का व्रत रखने के विशेष नियम हैं। व्रत रखने से मन में शांति, आत्मा में बल और गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है। व्रत के नियमों का पालन करना भी आवश्यक है। बिना नियम के रखा व्रत अधूरा होता है।
मुख्य नियम
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ कपड़े पहनें। व्रत का संकल्प गणेश जी के सामने करें। दिन भर अनाज और नमक का सेवन न करें। फल, दूध, मिठाई और सात्त्विक पदार्थ ग्रहण कर सकते हैं। आरती के बाद व्रत तोड़ें। व्रत में सच्चाई और भक्ति का भाव रखें।
क्या खाएं क्या न खाएं
फल, दूध दही, मिठाई, कुट्टू, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, समाक चावल, सेंधा नमक — ये खा सकते हैं। गेहूं, चावल, दाल, सादा नमक, मसाले, तेल — से परहेज करें। व्रत में पानी पीते रहें।
पूजा विधि
मूर्ति को गंगाजल से अभिषेक करें। वस्त्र अर्पित करें। चंदन, अक्षत, पुष्प अर्पित करें। २१ दूर्वा अर्पित करें। धूप दीप दिखाएं। मोदक नैवेद्य अर्पित करें। गणेश अथर्वशीर्ष पढ़ें। आरती करें। व्रत आरती के बाद तोड़ें।
आध्यात्मिक लाभ
व्रत से गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है। विघ्न दूर होते हैं। बुद्धि का विकास होता है। शरीर की शुद्धि होती है। मन में सात्त्विकता बढ़ती है। गणेश चतुर्थी 2026 का व्रत एक पूर्ण आध्यात्मिक अनुष्ठान है।