गणेश चतुर्थी 2026 पर मूर्ति स्थापना का शुभ समय
मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त
गणेश चतुर्थी 2026 के पावन अवसर पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी 2026 में मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त मध्याह्न काल में है। शुभ मुहूर्त में स्थापना करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
गणेश चतुर्थी 2026 के दिन स्थापना के लिए दो-तीन शुभ समय हैं — प्रभोदिनी मुहूर्त, लाभ मुहूर्त और अमृत काल। इन तीनों में से किसी भी समय आप गणेश जी की स्थापना कर सकते हैं। अमृत काल और प्रभोदिनी मुहूर्त को सबसे उत्तम माना गया है।
स्थापना की पूरी विधि
गणेश चतुर्थी 2026 में मूर्ति स्थापना की विधि इस प्रकार है — सबसे पहले मूर्ति को गंगा जल से स्नान कराएं। फिर गंध (चंदन), अक्षत (चावल) और पुष्प अर्पित करें। इसके बाद मूर्ति को पीला वस्त्र पहनाएं। मूर्ति के ऊपर चंदन का तिलक लगाएं और अक्षत चढ़ाएं। दूर्वा गणेश जी को सबसे प्रिय है, अतः २१ दूर्वा अर्पित करें। इस प्रकार मूर्ति स्थापना संपन्न होती है।
आवश्यक सामग्री
स्थापना के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होती है — गणेश मूर्ति, पीला वस्त्र, चंदन, अक्षत, रोली, मौली, पुष्प माला, दूर्वा, २१ पत्रे, धूप, दीपक, कपूर, नारियल, सुपारी, लौंग, इलायची, पंचामृत, गंगाजल, मोदक, पेड़ा, मिठाई, फल, पान, शंख, घंटी, आरती थाली, अगरबत्ती। सामग्री पहले से एकत्र करके रखें ताकि पूजा में कोई रुकावट न हो।
मंत्र और आरती
गणेश चतुर्थी 2026 में मूर्ति स्थापना के बाद गणेश जी की आरती और प्रार्थना का विशेष महत्व है। ॐ गण गणपतये नमः मंत्र का १०८ बार जप करना विशेष फलदायक होता है। आरती के बाद प्रसाद वितरित करें और सभी भक्तों में गणेश जी का आशीर्वाद बांटें। गणेश चतुर्थी 2026 के पवित्र अवसर पर मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त देखकर ही पूजा करें। भगवान की कृपा से घर में सुख समृद्धि आती है।